7, Aug 2025
मामी की बहन की चुदाई: बाथरूम सेक्स कहानी (1,340 views)
मेरा नाम गुद्दू है, 22 साल का जवान लड़का, जिसका लंड हमेशा नई चूत की तलाश में रहता है। मेरी मामी, चिंता, जिनकी चुदाई मैं पहले ही कर चुका था, ने मुझे बताया कि उनकी छोटी बहन, झुंबली, कुछ दिन उनके घर रहने आ रही है। झुंबली 28 साल की थी, गोरी, गदराई, और उसका फिगर 34-26-36 था। उसकी चाल और हंसी में एक अजीब सी कामुकता थी, जो किसी का भी लंड खड़ा कर दे।
जब झुंबली आई, तो मैंने देखा कि वो मुझसे खुलकर बातें करती थी। उसकी साड़ी का पल्लू बार-बार सरकता, और उसके टाइट ब्लाउज में से उसके चूचे उभर कर बाहर आ रहे थे। मैं समझ गया कि झुंबली भी चुदाई की प्यासी है। मामा उस समय घर पर नहीं थे, और मामी चिंता ने मुझे इशारा किया कि झुंबली को भी चख लो।
एक सुबह मैं बाथरूम में नहाने गया। मैंने सिर्फ तौलिया लपेटा हुआ था, और मेरा लंड पहले से ही खड़ा था। अचानक बाथरूम का दरवाजा खुला, और झुंबली अंदर आ गई। उसने सिर्फ एक पतली नाइटी पहनी थी, जो भीगने की वजह से उसके बदन से चिपक गई थी। उसके निप्पल साफ दिख रहे थे, और उसकी चूत का उभार मेरे लंड को और सख्त कर रहा था।
"अरे गुद्दू, तू यहाँ? मैं तो नहाने आई थी," झुंबली ने शरमाते हुए कहा, लेकिन उसकी आँखें मेरे तौलिये के नीचे झांक रही थी।

"कोई बात नहीं, झुंबली दी, आप भी नहा लो... साथ में," मैंने मजाक में कहा, लेकिन मेरी नजर उसकी गीली नाइटी पर थी।

"हाय, तू तो बहुत नटखट है," झुंबली ने हंसते हुए कहा और मेरे करीब आ गई। उसने मेरे तौलिये पर हाथ रखा और धीरे से उसे खींच लिया। मेरा 7 इंच का लंड खुली हवा में लहराने लगा।
"हाय दैया, गुद्दू, ये तो मामा से भी बड़ा है!" झुंबली ने मेरे लंड को देखकर कहा और उसे अपने हाथ में ले लिया। उसकी गर्म हथेली ने मेरे लंड में आग लगा दी।
मैंने झुंबली की नाइटी उतार दी। उसका नंगा बदन देखकर मेरा लंड और सख्त हो गया। उसके चूचे गोल और टाइट थे, और उसकी चूत पूरी तरह शेव्ड थी। मैंने उसे दीवार से सटाया और उसके होंठों को चूसने लगा। झुंबली की सिसकारियाँ बाथरूम में गूंज रही थी। "आह्ह... गुद्दू, चूस ले मुझे... मेरी चूत को चाट!"
मैंने झुंबली को शॉवर के नीचे खड़ा किया और उसकी चूत को चाटना शुरू किया। उसकी चूत इतनी गीली थी कि मेरा मुँह उसके रस से भर गया। "हाय... गुद्दू, तू तो कमाल है... और चाट!" झुंबली चिल्ला रही थी। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत के अंदर डाल दी और उसे चूसने लगा।
कुछ देर बाद झुंबली ने कहा, "गुद्दू, अब बर्दाश्त नहीं होता... डाल दे अपना लंड!" मैंने उसे दीवार के सहारे झुकाया और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया। पहला धक्का इतना जोरदार था कि झुंबली की चीख निकल गई। "आह्ह... गुद्दू, कितना मोटा है... फाड़ दे मेरी चूत!"
मैंने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू किए। बाथरूम में पानी की फुहार और झुंबली की सिसकारियों का मिश्रण गजब का माहौल बना रहा था। "हाँ... गुद्दू, और जोर से... चोद दे मुझे!" झुंबली चिल्ला रही थी। मैंने उसकी कमर पकड़ी और उसे कुत्तिया की तरह चोदने लगा।
कुछ देर चूत चोदने के बाद झुंबली ने कहा, "गुद्दू, मेरी गांड भी मार... मैंने सुना है तू चिंता दी की गांड भी फाड़ चुका है।" मैंने शॉवर का पानी बंद किया और झुंबली की गांड पर साबुन लगाया। फिर मैंने अपने लंड को उसकी टाइट गांड में धीरे-धीरे डाला।
"आह्ह... गुद्दू, दर्द हो रहा है... लेकिन मत रुक!" झुंबली ने कहा। मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए, और कुछ ही देर में उसकी गांड ढीली हो गई। अब मैं पूरी ताकत से उसकी गांड मार रहा था। "हाँ... गुद्दू, फाड़ दे मेरी गांड... तेरा लंड कमाल है!" झुंबली की सिसकारियाँ पूरे बाथरूम में गूंज रही थी।
लगभग 15 मिनट तक मैंने झुंबली की चूत और गांड मारी। आखिरकार, मैंने अपना माल उसकी चूत में छोड़ दिया। झुंबली तृप्त होकर मेरे गले लग गई। "गुद्दू, तूने मेरी सारी प्यास बुझा दी... अब मैं जब भी आऊँगी, तुझसे चुदवाऊँगी," उसने कहा।
उस दिन के बाद, जब भी झुंबली मामी के घर आती, हम बाथरूम में या बेडरूम में चुदाई का मजा लेते। मामी चिंता को भी पता था, और वो हमें प्रोत्साहित करती थी। यह मामी की बहन की चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी? अपने विचार कमेंट में जरूर बताएँ।

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