सास-दामाद की कामुक चुदाई: एक जुनूनी रात की कहानी (1,468 views)
हेलो दोस्तों, मैं, रोहन, 28 साल का एक तगड़ा और जवान मर्द, अपनी पत्नी शालिनी के साथ दिल्ली में रहता हूँ। ये मेरी सबसे हॉट और कामुक सेक्स कहानी है, जो मैं आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ। मेरी सासू माँ, मधु, 46 साल की एक ऐसी औरत हैं, जिनका हुस्न और जलवा उम्र को मात देता है। उनका गोरा रंग, भरे हुए चूचे, और सबसे खास उनकी चौड़ी, रसीली गांड मुझे हर बार बेकरार कर देती थी। मधु माँ की टाइट साड़ियाँ और उनके कूल्हों का लचकना मेरे दिल में आग लगा देता था। मेरी पत्नी शालिनी को मेरी ये नजरें नहीं पता थीं, लेकिन मधु माँ की शरारती मुस्कान और चुलबुली अदाएँ मुझे बार-बार उकसाती थीं। ये कहानी उस रात की है, जब मधु माँ की चौड़ी गांड मेरे लंड की दीवानी बन गई।
एक रात की बात है, शालिनी को अपने ऑफिस के काम से मुंबई जाना पड़ा। घर पर सिर्फ मैं और मधु माँ थे। रात के 10 बजे मैं लिविंग रूम में मूवी देख रहा था, तभी मधु माँ किचन से मेरे लिए गर्म कॉफी लेकर आईं। उन्होंने एक पारदर्शी काली नाइटी पहनी थी, जो उनकी भरी चूचियों और चौड़ी गांड को मुश्किल से ढक रही थी। “रोहन, ये कॉफी पी लो, रात अभी बाकी है,” मधु माँ ने शरारती अंदाज में कहा और मेरे बगल में सोफे पर बैठ गईं। उनकी नाइटी का गला नीचे सरक गया, और उनकी गहरी क्लीवेज मेरे सामने चमक रही थी।
मैंने कॉफी का मग लिया और हल्के से मुस्कुराते हुए कहा, “मधु माँ, आप इस उम्र में भी इतनी सेक्सी हैं कि कोई भी पागल हो जाए!” मधु माँ ने मेरी तरफ नशीली नजरों से देखा और बोलीं, “बदमाश, तुझे क्या लगता है, मैं बूढ़ी हो गई? मेरी गांड को तो तू हर वक्त घूरता रहता है!” उनकी बात सुनकर मेरे बदन में सनसनी दौड़ गई। मैंने हिम्मत जुटाकर कहा, “मधु माँ, आपकी ये चौड़ी गांड तो मेरे लंड को बुलाती है!” मधु माँ खिलखिलाकर हंस पड़ीं और मेरी जांघ पर अपना नाजुक हाथ रखकर बोलीं, “तो आज रात मेरी गांड को करीब से महसूस कर ले, रोहन।”
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मधु माँ ने मेरे होंठों पर अपने गर्म होंठ रख दिए। उनका चुंबन इतना जुनूनी और गहरा था कि मैं सब कुछ भूल गया। उनकी जीभ मेरी जीभ से उलझी, और मेरे हाथ उनकी नाइटी के ऊपर उनकी भरी चूचियों पर चले गए। “मधु माँ, आपकी चूचियां तो पत्थर की तरह टाइट हैं,” मैंने फुसफुसाते हुए कहा और उनकी नाइटी को नीचे सरका दिया। उनकी गोरी चूचियां और उनके गुलाबी निप्पल्स मेरे सामने थे, जो मुझे ललचा रहे थे। मैंने उनके एक निप्पल को अपने मुँह में लिया और जोर-जोर से चूसना शुरू किया। मधु माँ सिसक उठीं, “आह… रोहन, मेरी चूचियां चूस… और जोर से चूस!”
उनकी सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं। मैंने एक चूच को चूसा और दूसरे को अपने हाथों से मसला। मधु माँ की सांसें तेज हो रही थीं, और उनका बदन गर्मी से तप रहा था। “रोहन, मेरी चूत को छू… वो तुझसे रस टपकाने को बेताब है,” मधु माँ ने कांपते हुए कहा। मैंने उनकी नाइटी को पूरी तरह उतार दिया, और उनकी लाल पैंटी में उनकी चिकनी चूत साफ दिख रही थी। मैंने पैंटी के ऊपर से उनकी चूत को सहलाया, जो पहले से ही रस से तर थी। “मधु माँ, आपकी चूत तो पहले ही मेरे लिए गीली हो चुकी है,” मैंने हंसते हुए कहा और उनकी पैंटी उतार दी।
मैंने अपनी जीभ उनकी चूत के दाने पर रखी और चाटना शुरू किया। मधु माँ चीख पड़ीं, “आह… रोहन, मेरी चूत को चाट… और गहराई तक चाट!” उनकी चूत का रस मेरे मुँह में बह रहा था, और मैं उसे चूस-चूसकर पागल कर रहा था। मधु माँ ने मेरे बाल पकड़ लिए और मेरे मुँह को अपनी चूत में दबा लिया। “रोहन, तू मेरी चूत का राजा है,” वो सिसकते हुए बोलीं। मैंने उनकी चूत को इतना चाटा कि वो झड़ने के कगार पर पहुंच गईं।
मधु माँ ने मेरी शर्ट और जीन्स उतार दी। मेरा तना हुआ लंड देखकर वो बोलीं, “रोहन, तेरा लंड तो किसी हथियार की तरह है!” उन्होंने मेरे लंड को अपने नाजुक हाथों में लिया और इसके टोपे को चाटना शुरू किया। उनकी जीभ मेरे लंड की नसों पर नाच रही थी। “मधु माँ, आपका मुँह तो स्वर्ग है,” मैं कराहते हुए बोला। मधु माँ ने मेरा लंड गहराई तक अपने मुँह में लिया और चूसने लगीं। मैं उनकी चूचियों को दबा रहा था, और उनकी सिसकारियां मेरे लंड को और सख्त कर रही थीं।
“रोहन, अब डाल दे… मेरी चूत तेरा लंड मांग रही है,” मधु माँ ने चिल्लाते हुए कहा। मैंने उन्हें सोफे पर लिटाया और उनकी टांगें फैलाकर अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ा। उनकी चूत इतनी गीली थी कि मेरा लंड आसानी से फिसल गया। मैंने एक जोरदार धक्का मारा, और मेरा लंड उनकी चूत में गहराई तक समा गया। “आह… रोहन, तेरा लंड मेरी चूत को चीर रहा है!” मधु माँ चीखीं। मैंने उनके चूतड़ पकड़ लिए और जोर-जोर से चोदने लगा। उनकी चूचियां मेरे हर धक्के के साथ उछल रही थीं।
मैंने फिर से उनकी चूचियों को चूसना शुरू किया। एक चूच को अपने मुँह में लेकर चूस रहा था, और दूसरे को अपने हाथों से दबा रहा था। “रोहन, मेरी चूचियां चूस-चूसकर चोद… मुझे जन्नत दिखा दे!” मधु माँ की सिसकारियां और तेज हो गईं। मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी, और उनकी चूत मेरे लंड को जकड़ रही थी। कमरा हमारी सिसकारियों और सोफे की चरमराहट से गूंज उठा।
मैंने मधु माँ को पलटकर डॉगी स्टाइल में लिटाया। उनकी चौड़ी, रसीली गांड मेरे सामने थी, और मैंने उस पर एक हल्की सी चपत मारी। “मधु माँ, आपकी ये चौड़ी गांड तो चोदने के लिए बनी है,” मैंने कहा। मधु माँ ने शरारती अंदाज में जवाब दिया, “तो चोद ना, रोहन… मेरी गांड तुझसे मजे लेने को तैयार है!” मैंने अपनी उंगलियां उनकी चूत के रस से गीली कीं और उनकी टाइट गांड में डालीं। मधु माँ सिसक उठीं, लेकिन अपनी गांड को और पीछे धकेला।
मैंने अपने लंड को उनकी गांड के छेद पर रखा और धीरे-धीरे अंदर धकेला। “आह… रोहन, तेरा लंड मेरी गांड को फाड़ रहा है!” मधु माँ चीखीं, लेकिन उनकी आवाज में सुख की लहर थी। मैंने धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाई, और मेरा लंड उनकी चौड़ी गांड में अंदर-बाहर होने लगा। उनकी चूत से रस टपक रहा था, और उनके चूतड़ मेरी जांघों से टकरा रहे थे। मैंने फिर से उनकी चूचियां पकड़ लीं और उन्हें दबाते हुए उनकी गांड चोदी। “रोहन, मेरी चूचियां और गांड… दोनों को रगड़ दे!” मधु माँ चिल्लाईं।
मैंने मधु माँ को फिर से पलटाया और उनकी टांगें अपने कंधों पर रखीं। मेरा लंड उनकी चूत में फिर से घुसा, और मैं उन्हें जोर-जोर से चोदने लगा। उनकी चूचियां मेरे सामने उछल रही थीं, और मैंने फिर से उनके निप्पल्स को चूसना शुरू किया। “रोहन, मेरी चूचियां चूस-चूसकर चोद… मुझे स्वर्ग दिखा दे!” मधु माँ की सिसकारियां और तेज हो गईं। मैंने अपनी पूरी ताकत लगा दी, और उनकी चूत मेरे लंड को निगल रही थी।
“मधु माँ, मैं झड़ने वाला हूँ!” मैंने कराहते हुए कहा। मधु माँ ने अपनी चूत को और सिकोड़कर कहा, “रोहन, मेरे अंदर झड़… मुझे तेरा गर्म रस चाहिए!” मेरे धक्के अब और तेज हो गए। उनकी चूत और गांड दोनों मेरे लंड से रगड़ खा चुकी थीं। आखिरकार, मैंने एक जोरदार धक्का मारा, और मेरा गर्म रस उनकी चूत में भर गया। मधु माँ भी उसी पल झड़ गईं, और उनकी चूत का रस मेरे लंड पर बहने लगा।
हम दोनों हांफते हुए सोफे पर गिर पड़े। हमारी देहें पसीने और रस से चिपचिपी थीं। मधु माँ ने मेरे गाल पर एक चुम्मी दी और बोलीं, “रोहन, तूने मेरी चौड़ी गांड और चूत को स्वर्ग दिखा दिया।” मैंने हंसते हुए जवाब दिया, “मधु माँ, आपकी गांड मेरे लंड की रानी है।” हम दोनों हंस पड़े, और उस रात हमने फिर से दो बार चुदाई की।
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उस रात के बाद, मेरा और मधु माँ का रिश्ता बदल गया। जब भी शालिनी घर से बाहर होती, मधु माँ मेरे बेड पर होतीं। उनकी चूचियां और चौड़ी गांड मेरे लिए एक नशा बन गई थीं। एक बार मधु माँ ने मुझे किचन में पकड़ लिया और काउंटर पर चढ़कर मेरे लंड की सवारी की। उनकी चीखें और मेरी सिसकारियां पूरे घर में गूंज रही थीं। एक और बार हमने बाथरूम में शॉवर के नीचे चुदाई की, जहाँ मैंने उनकी चूचियों को चूसते हुए उनकी चूत और गांड को रगड़ा।
मधु माँ की चौड़ी गांड चोदना मेरे लिए एक जुनून बन गया था। उनकी चूत का रस मेरे लंड का पसंदीदा स्वाद था। हमारा ये गुप्त रिश्ता एक अनकहा राज बन गया। मधु माँ की चूचियां, उनकी चूत, और उनकी चौड़ी गांड मेरे लिए एक ऐसी दुनिया थी, जहाँ मैं बार-बार खो जाना चाहता था।
शालिनी के लौटने से एक रात पहले, मधु माँ ने मुझे अपने कमरे में बुलाया। “रोहन, शालिनी के आने से पहले मेरी गांड को फिर से चोद,” उन्होंने फुसफुसाते हुए कहा। मैंने उनकी साड़ी उतारी और उनकी चूचियों को चूसना शुरू किया। उस रात हमने घंटों तक चुदाई की। उनकी चौड़ी गांड और चूत मेरे लंड से रगड़ खा रही थीं, और उनकी सिसकारियां मेरे लिए एक संगीत थीं।
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