मामी सेक्स स्टोरी: जवान मामी की टाइट गांड मारने की हॉट सेक्स कहानी (1,521 views)
दोस्तों, अन्तर्वासना डॉट कॉम पर आपका स्वागत है! अगर आप मामी सेक्स स्टोरी के शौकीन हैं, तो ये रसीली हॉट बैक सेक्स कहानी आपके लंड को तनाने के लिए परफेक्ट है। इसमें जवान भतीजे रोहन की सेक्सी मामी किरण के साथ धीरे-धीरे बढ़ती उत्तेजना, चुदाई की शरारतें और आखिर में टाइट गांड फाड़ने वाली जंगली चुदाई का पूरा राज़ खुलता है। मामा ने चूत को ढीला कर दिया था, लेकिन रोहन ने मामी की गांड का उद्घाटन कर इतना मजा दिया कि वो आज भी भतीजे के लंड की भूखी हैं। पढ़िए ये मामी की गांड मारने वाली एक्सटेंडेड स्टोरी – लस्ट भरी डिटेल्स के साथ!
मेरा नाम रोहन है, उम्र 20 साल, कॉलेज स्टूडेंट। दिल्ली में रहता हूँ, लेकिन छुट्टियों में घर आता रहता हूँ। मेरी मामी किरण – वाह, क्या कहें? 30 साल की उम्र में भी वो फायरबॉल जैसी लगती हैं। गोरा दूधिया बदन, छोटी लेकिन सख्त चूचियाँ जो ब्लाउज में उभर आती हैं, और वो परफेक्ट राउंडेड गांड – न ज्यादा बड़ी, न छोटी, बस लंड खड़ा करने वाली। जब वो ब्लैक लैगिंग्स पहनती हैं, तो गांड की शेप इतनी टाइट और उभरी हुई दिखती है कि मन करता है तुरंत पीछे से चिपक जाऊँ।
मामा एक बिजनेसमैन हैं, हमेशा बाहर रहते हैं। मामी घर संभालती हैं, लेकिन उनकी आँखों में वो बेचैनी साफ झलकती है। चढ़ती जवानी में मेरा आकर्षण बढ़ता गया। मैं सोचता, "काश, मामी को चोद सकूँ!" इसलिए मैंने प्लानिंग शुरू की – हल्की-हल्की शरारतें, टचिंग, और देखना कि वो रिएक्ट कैसे करती हैं। मामी सेक्स स्टोरी की शुरुआत यहीं से हुई।
एक दिन मामी स्काई ब्लू कुर्ती और ब्लैक लैगिंग्स में घर आईं। बच्चे बहन के साथ खेल रहे थे, मम्मी किचन में बिजी। हम सोफे पर टीवी देख रहे थे। मैंने शरारत की – अपना कूल्हा मामी की गांड से टच किया। वो मुस्कुराईं और साइड बदली, लेकिन इससे उनकी गांड और मेरी तरफ हो गई। फिर उन्होंने कुर्ती हल्की ऊपर की – जैसे इशारा दे रही हों, "आजा, रगड़ ले!"मैंने हिम्मत की और गांड से गांड रगड़ना शुरू किया। मामी की सांसें तेज़ हो गईं, लेकिन कुछ बोलीं नहीं। मम्मी की आवाज़ सुनकर हम अलग हो गए। रात भर सोचता रहा – क्या मामी भी मुझमें इंटरेस्टेड हैं? ये हॉट मामी बैक सेक्स कहानी का पहला स्पार्क था।
मामी सेक्स स्टोरी: लॉकडाउन में मामी की कड़ी चुदाई का जंगली राज़
कुछ दिनों बाद कॉलेज ट्रिप से लौटा तो मामी मिलने आईं। दरवाजे पर ही मुझे गले लगा लिया – उनका गोरा बदन चिपका, चूचियाँ दब गईं मेरी छाती से। मैं सकपकाया, लेकिन हिम्मत जुटाई और एक हाथ उनकी चूची पर रख दिया। मामी ने हटाया, लेकिन तिरछी स्माइल दी। अंदर बैठे तो वो पढ़ाई की बातें करने लगीं, लेकिन बार-बार मेरी जांघ पर हाथ फेर रही थीं – हर बार लंड के करीब!
मेरा लंड खड़ा हो गया। मामी कनखियों से देख रही थीं। जाते वक्त बोलीं, "कभी घर आना, रोहन!" आँखों में वो वासना थी। लेकिन मैं डर गया, नहीं गया। मामी नाराज़ हो गईं – अब घर आतीं तो नखरे दिखातीं, बात नहीं करतीं।
वेकेशन में नाना के गांव गया। वहाँ शादी थी, सारे रिश्तेदार आए। मामी साड़ी में – अरे वाह, पैंटी लाइन न दिखने से गांड और ज्यादा लहरा रही! वो बड़ी मामी से कहतीं, "रोहन से तो मेरी खूब बनती है!" मेरे सामने ही। लेकिन मुझसे नखरे। मैंने सोचा, "टेस्ट करूँ – लंड दिखाऊँगा!"अगले दिन मामी कपड़े धो रही थीं। मैं बाथरूम में गया, पीछे खड़ा होकर पेशाब करने लगा। लंड हाथ में, थोड़ा कड़ा। मामी घूमीं – चौंकीं, लेकिन नज़रें लंड पर टिक गईं। मैं हिलाकर झटका और चला गया। वो कुछ बोलीं नहीं, बस देखती रहीं। ये मामी सेक्स स्टोरी का टर्निंग पॉइंट था!
दोपहर में किचन में अकेली चाय बना रही थीं। मैं पीछे चिपका। मामी ने साड़ी टाइट की – गांड उभर आई। बातें करने लगे। मैंने कंधे पर हाथ रखा, गर्दन पर गर्म सांसें छोड़ीं। मामी की सांसें तेज़ – "रोहन... क्या कर रहे?" लेकिन पीछे नहीं हटीं। हम चाय पीते रहे, लेकिन हवा में वासना घुली हुई थी।
शाम को सब शादी गए – नाना-नानी, बड़े मामा-मामी, बच्चे। मामी ने पेट दर्द का बहाना बनाया और मुझे देखकर बोलीं, "रोहन, साथ रुक जाओगे?" मैं मान गया। घर पर सिर्फ हम! मैंने प्लान किया – पहले मुठ मारूँगा, देखूँ रिएक्शन।
बेडरूम में मुठ मार रहा था, मामी ने देख लिया। "ये क्या कर रहे हो?" मैं बोला, "बेचैनी है मामी, खलास हो जाता हूँ।" वो मुस्कुराईं, "इस उम्र में होता है। गर्लफ्रेंड?" मैंने कहा, "तुम्हारी जैसी नहीं मिली।" मामी ने पूछा, "मुझमें क्या खास?" "सब कुछ! मामा नसीबवाले। अगर तुम मेरी होतीं तो कब की चोद चुका होता!"
मामी ने हँसकर कहा, "क्या? पूरी बात कहो!" "सेक्स... हाँ!" वो मेरा हाथ पकड़ कमरे में ले गईं। किस शुरू – होंठ चूसे, जीभ अंदर। तभी बाजू वाली रूम से आवाज़ आई। मामी रुकीं, लेकिन फुसफुसाईं, "रात को छत पर... तैयार रहना।"
रात के 12 बजे छत पर। चाँदनी में हम चिपके। किस करते गए – मामी की सिसकारियाँ, "आह्ह... रोहन... उफ्फ!" साड़ी उतारी – ब्लाउज-पेटीकोट में हॉट लग रही। मैंने शर्ट-पैंट उतारी। फोरप्ले: चूचियाँ दबाईं, निप्पल्स चूसे। मामी तड़पीं, "मजा आ रहा... और!"
पेटीकोट-कच्छा उतारा। नंगी मामी – चिकनी चूत, गोरा बदन। मैंने चूत चाटी – रस नमकीन-मीठा। मामी ने लंड पकड़ा, सहलाया, फिर मुँह में लिया। जोर-जोर से चूसीं – गला तक! "आह्ह... मामी... जन्नत!" लेकिन चूत देखी – ढीली लगी। मामा ने चोद-चोद भोसड़ा कर दिया था। सोचा, "गांड ही सही!"
"मामी, गांड मारूँ?" वो बोलीं, "मामा ने कभी ट्राई न किया – लंड छोटा, घुसा ही नहीं। तू उद्घाटन कर!" डॉगी स्टाइल में। गोरी मीडियम गांड सामने – बैक डोर टाइट। क्रीम लगाई (पहले से तैयार)। उंगली डाली – मुलायम। लंड सटाया, धक्का – "आह्ह... दर्द... रोहन!" मुँह दबाया, पूरा पेला। हल्के-हल्के अंदर-बाहर। मामी दर्द से सिसकीं, लेकिन जल्दी मजा लेने लगीं – "चोदो... हाँ... फाड़ दो!"
मेरा 7 इंच का लंड गांड चीरता हुआ अंदर-बाहर। थप्पड़ मारे, बाल खींचे – हार्ड बैक सेक्स! मामी चिल्लाईं, "आह्ह... मजा... और तेज़!" 15 मिनट की जंगली रिदम – 'प्लाक-प्लाक' आवाज़ें। मैं झड़ा – माल गांड में भर दिया। बाहर निकाला तो छेद फैला हुआ। मामी हाँफतीं, "वाह... पहली बार इतना मजा! अब रोज़ चोदना।"
सुबह उठे तो मामी नंगी बिस्तर पर। "कल रात का बदला लूँगी!" वो ऊपर चढ़ीं – काउंटर पर सवार होकर लंड चूत में लिया। लेकिन ढीली चूत में मजा कम। "अब गांड!" उल्टी होकर डॉगी में। मैंने क्रीम लगाई, लेकिन इस बार उँगली के साथ चूत भी उंगली से सहलाई। डबल पेनिट्रेशन स्टाइल – लंड गांड में, उंगली चूत में। मामी पागल – "ओह्ह... दोनों तरफ... फाड़ दो!" तेज़ धक्के, चूचियाँ मारीं। वो झड़ीं – रस बहा। मैं गांड में दूसरा राउंड झाड़ा।
उसके बाद हर छुट्टी में मामी की गांड मारना रूटीन। चूत में कभी-कभी, लेकिन गांड ही फेवरेट। मामा को शक न हुआ। आज भी मामी सेक्स स्टोरी का राज़ बरकरार!दोस्तों, ये हॉट मामी बैक सेक्स कहानी कैसी लगी? कमेंट्स में बताओ – अगला पार्ट गांड-चूत डबल एक्शन पर? लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करें अन्तर्वासना के लिए ज्यादा मामी सेक्स स्टोरी!
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