मेहमान विदेशी आंटी की लंड से जंगली सेवा – एक्सोटिक अंटी चुदाई हिंदी सेक्स स्टोरी (748 views)
मेरा नाम अर्जुन है और मैं भोपाल की हसीन वादियों में रहता हूं, एक प्राइवेट कॉलेज का स्टूडेंट हूं। मेरी उम्र 21 साल है और लंबाई 5 फुट 10 इंच। दोस्तों, मुझे शुरू से ही एक्सोटिक आंटी और हॉट भाभियां बहुत आकर्षित करती हैं – वो सांवली रंगत, जंगली कर्व्स और वो मादक खुशबू जो हवा में घुली रहती है। आज मैं आप सबको अपनी एक ऐसी ही विदेशी टच वाली सेक्सी आंटी की सच्ची चुदाई की घटना बताने जा रहा हूं, जो एक्सोटिक फ्लेवर से भरी हुई है।
यह मेरी पहली कहानी है, अगर इसमें कोई गलती हो जाए तो मुझे मेल करके जरूर बताना और माफ भी करना। मुझे उम्मीद है कि यह अंटी चुदाई कहानी आपको जरूर पसंद आएगी, क्योंकि मैंने इसे कुछ दिनों की मेहनत से लिखा है – एक्सोटिक डिटेल्स के साथ। अगर आप हिंदी सेक्स स्टोरी, अंटी सेक्स, या मेहमान आंटी चुदाई सर्च कर रहे हैं, तो ये आपके लिए परफेक्ट है।
अब मैं अपनी एक्सोटिक चुदाई की कहानी पर आता हूं, जो अभी कुछ दिनों पहले मेरे साथ घटी है। मेरे घर में मम्मी, पापा और मैं रहते हैं। कुछ समय पहले पापा को पाइल्स हो गया था, इसलिए उन्होंने ऑफिस से दो महीने की छुट्टी ले ली। पापा की सरकारी नौकरी है, तो वे गांव की हरियाली में आराम करने चले गए और मम्मी भी उनके साथ चली गईं। घर पर अब सिर्फ मैं अकेला था, रातें लंबी और खाली लग रही थीं। कुछ दिन ऐसे ही बीत गए, लेकिन हवा में एक अजीब सी उत्तेजना महसूस हो रही थी।

फिर एक दिन बड़े पापा का फोन आया, उन्होंने कहा कि उनकी बेटी यानी मेरी कजिन बहन का ऑपरेशन हुआ है, इसलिए वे उसे कुछ दिन मेरे घर रखेंगे, क्योंकि उसे भोपाल के बेस्ट अस्पताल में भर्ती किया गया था। मैंने कहा ठीक है, ले आओ – लेकिन दिल में एक एक्सोटिक एडवेंचर की उम्मीद जाग चुकी थी।
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अगले दिन वे मरीज को लेकर मेरे घर आए, उनके साथ उनके पति, बड़े पापा और एक आंटी भी आईं, जो उनके रिश्ते में थीं। आंटी उनकी देखभाल करने और मुझे खाना बनाने में मदद करने आई थीं। लेकिन मुझे क्या पता था कि वे मेरा इतना जंगली और एक्सोटिक ख्याल रखेंगी, जिसके बारे में मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। वो आंटी जैसे कोई बॉलीवुड की विदेशी हिरोइन लग रही थीं – थोड़ी मिस्टिरियस, थोड़ी वाइल्ड।
सबसे पहले आंटी के बारे में बताता हूं, उनकी उम्र करीब 36 साल थी, फिगर 34-32-36 – एकदम एक्सोटिक कर्व्स! दिखने में बहुत हॉट, थोड़ी सांवली रंगत लेकिन वो चमकदार स्किन जैसे रेशमी साड़ी में लिपटी जंगल की रानी। कसा हुआ गठीला बदन, बड़ी-बड़ी कूल्हे वाली गांड, बड़े-बड़े बूब्स जो सांस लेते ही उछलते लगते थे, एकदम सेक्सी माल लगती थीं। उनकी आंखों में वो विदेशी चमक थी, जैसे कोई इंडो-वेस्टर्न मिक्स – शायद उनके पूर्वजों में कोई ट्रैवलर ब्लड था।
बड़े पापा और उनके पति अस्पताल के चक्कर काटते रहते थे, इसलिए हम दोनों घर में घंटों अकेले रहते थे। इस बीच हमारी बहुत गहरी, एक्सोटिक दोस्ती हो गई। उन्होंने बताया कि उनकी शादी को 14 साल हो गए हैं और दो बच्चे भी हैं, लेकिन उनका पति वो जंगली शेर था जो दारू की लत में खो गया था।
रात को मैं अपने रूम में सोता था, बाकी सब हॉल में। हम सब करीब 1 बजे तक बातें करते थे, मैं उन पर लाइन मारता रहता था – वो एक्सोटिक फ्लर्टिंग जो हवा को गर्म कर दे। एक रात हम सब बातें कर रहे थे, आंटी भी नहीं सोई थीं। मैंने गौर किया कि वे चादर ओढ़कर लेटी थीं और उनका हाथ चूत पर था, बार-बार हिल रहा था। थोड़ी देर हिलातीं, फिर हाथ रख लेतीं। मैं समझ गया कि यह कुछ ही दिनों में मुझसे जंगली चुदाई करवाएंगी – वो प्यासी शेरनी बन चुकी थीं।
जब मैं उन्हें देख रहा था, उन्होंने मुझे देख लिया और चादर ओढ़कर सो गईं। मुझे लगा शायद नाराज हो गईं, सुबह देखते हैं। फिर मैं भी सो गया। रात को अचानक नींद खुली, किसी ने बाथरूम का दरवाजा खोला। चुपके से देखा तो आंटी और दीदी थीं। पहले दीदी मूतकर बाहर आईं, आंटी उन्हें बिस्तर पर लेटाकर खुद मूतने गईं।
उनके मूतने की आवाज इतनी तेज थी, फचाक-फचाक, जैसे कोई जंगली नदी बह रही हो। मैं समझ गया कि यह महीनों से नहीं चुदी है, क्योंकि उनका पति बहुत दारू पीता था और मारता भी था – लेकिन अब वो एक्सोटिक फल मेरे हाथों में था।
अगली सुबह उठा, फ्रेश होकर किचन में गया। वे खाना बना रही थीं, हवा में मसालों की वो मादक खुशबू फैली हुई थी। मैं उनके पीछे इस तरह खड़ा हुआ कि मेरा लंड उनकी गांड के एक तरफ छू रहा था – वो गर्माहट महसूस हुई जैसे कोई विदेशी तेल लगी हो। वे चौंक गईं और मेरी तरफ देखने लगीं। मैंने स्माइल दी, वे बिना कुछ कहे फिर काम में लग गईं।
मैं वहीं खड़ा चाय पीने लगा और उन्हें भी पिलाई। पूछा, नींद कैसी आई? वे बोलीं अच्छी आई, लेकिन तुम भोपाल के लोग बहुत सुस्त हो, कितनी देर तक सोते हो। मैंने कहा, एक काम में हम बिल्कुल तंदुरुस्त हैं, वैसे भी इस काम के लिए रात को जागना पड़ता है ना – अंटी सेक्स की वो रातें।
वे थोड़ा शर्मा गईं और स्माइल दीं, बोलीं लगता है लड़का जवान हो गया है, इसके लिए कोई अच्छी लड़की ढूंढनी पड़ेगी। मैंने कहा ढूंढने की जरूरत नहीं, वे बोलीं क्यों कोई पसंद कर ली है क्या। मैंने कहा हां, वे पूछने लगीं कौन है। मैंने तुरंत कहा जो मुझे पसंद है वो मेरे सामने खड़ी है – एक्सोटिक खुशबू वाली।
वे बोलीं कौन मैं? मैंने कहा हां। वे बोलीं लेकिन यह सब कैसे हो सकता है, हमें मिले तो कुछ ही दिन हुए हैं। मैंने कहा तो क्या हुआ, पसंद कभी भी आ सकती है, बस लड़की अच्छी होनी चाहिए – वो जंगली, वो वाइल्ड। वे मेरी डबल मीनिंग वाली बात समझ गईं और बोलीं वो तो ठीक है, लेकिन लड़का भी दमदार होना चाहिए।
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मैंने कहा मैं आपको ऐसा दम दिखाऊंगा कि आप ना-ना करती रह जाएंगी, लेकिन मैं छोड़ूंगा नहीं। वे बोलीं अच्छा देखते हैं कितना दम है तुम्हारे अंदर। मैंने कहा आने वाला वक्त बताएगा – हिंदी सेक्स स्टोरी का क्लाइमेक्स।
फिर मैंने कहा क्या मैं आपको किस कर सकता हूं। वे बोलीं नहीं, अभी सब यहीं हैं, कल कर लेना जब सब अस्पताल चले जाएंगे। मैंने कहा यहां कोई नहीं आएगा, प्लीज। बहुत समझाने पर वे मान गईं। मैंने लंबा, एक्सोटिक किस किया, करीब 5 मिनट तक पूरी जीभ मुंह में डालकर – जैसे कोई विदेशी वाइन चख रहा हो।
वे बोलीं ऐसे भी कोई किस करता है, मैंने कहा मैं तो ऐसे ही करता हूं, अभी तो शुरुआत है, आगे देखो मेरा दम। वे हंसने लगीं, मैं भी। फिर नहाने लगा, पूरा दिन निकल गया – लेकिन हवा में वो उत्तेजना बनी रही।
रात हुई, मैं उस रात उनके साथ ही रजाई ओढ़कर बैठा था, वे लेटी थीं। सही मौका देखकर अपना हाथ उनकी जांघ पर रख दिया और सहलाने लगा – वो रेशमी स्किन, जैसे कोई एक्सोटिक ऑयल लगी हो। वे इशारे में मना करने लगीं क्योंकि सब वहीं थे, लेकिन मैं अपने काम में लगा था।
धीरे से साड़ी ऊपर की और जांघें सहलाने लगा, वाह क्या मुलायम और गर्म-गर्म पैर थे – जंगली गर्माहट। फिर पेट सहलाने लगा, थोड़ा ऊपर जाकर बूब्स दबाने लगा। वे अब गर्म हो रही थीं क्योंकि मना नहीं कर रही थीं, स्माइल दे रही थीं – एक्सोटिक स्माइल।
मैंने ब्लाउज के दो बटन खोल दिए, ब्लाउज ऊपर करके बूब्स और निप्पल दबाने लगा। वे मेरा साथ देने लगीं, मेरे हाथ पर अपना हाथ रखकर जोर-जोर से दबवा रही थीं, आह्ह.. ह्ह्ह.. धीरे से निकल रहा था उनके मुंह से – वो आवाज जैसे कोई जंगल का मंत्र।
कुछ देर बाद सब सोने वाले थे, बड़े पापा ने कहा तू भी सो जा। मैंने आंटी से धीरे कहा आप मेरे रूम में आ जाओ। फिर मैं रूम में जाकर इंतजार करने लगा – दिल धड़क रहा था।
थोड़ी देर बाद वे सबको बोलकर आईं कि दूसरे कमरे में टीवी देख रही हूं, क्योंकि टीवी सिर्फ मेरे रूम में था। जैसे ही रूम में आईं, मैंने दरवाजा बंद किया और उन्हें पकड़कर पागलों की तरह किस करने लगा – एक्सोटिक पैशन।
वे बोलीं पहले टीवी चालू कर दो। मैंने चालू किया और आवाज बढ़ा दी ताकि बाहर लगे हम टीवी देख रहे हैं। फिर वापस किस करने लगा, वे अब पूरी जोश में थीं और मेरा पूरा साथ दे रही थीं – जंगली शेरनी।
वे मुझे पागलों की तरह किस करने लगीं, मैं साड़ी पीछे से उठाकर गांड दबाने लगा, एक उंगली गांड के छेद में डाल दी। वे सिसकियां लेने लगीं, आह्ह.. ओह्ह.. प्लीज थोड़ा धीरे करो ना – लेकिन आंखों में वो चमक।
मैं उंगली अंदर-बाहर कर रहा था, किस भी, एक हाथ से ब्लाउज फाड़ दिया और बूब्स दबाने लगा। बूब्स मुलायम थे, निप्पल कड़क हो गए थे – जैसे एक्सोटिक फल। मैं निप्पल चूसने लगा, वे मेरे लंड को पैंट ऊपर से सहला रही थीं।
फिर उन्होंने जिप खोलकर अंडरवियर में हाथ डाला, लंड हिलाने लगीं और बोलीं वाह यह तो बहुत दमदार है, प्लीज इसे आजाद करो। मैंने कहा यह अब आपका है, आप ही बाहर कर दो। उन्होंने मेरे कपड़े उतार दिए, मैं बिल्कुल नंगा हो गया, वे सिर्फ पेटीकोट में थीं – एक्सोटिक नग्नता।
फिर वे मेरा लंड चूसने लगीं, वाह क्या एहसास था, उनके मुंह की गर्मी से पता लग रहा था कितनी गर्म हैं वे। भूखी शेरनी की तरह चूस रही थीं, ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गों.. गोग, आंड भी चाट रही थीं – जंगली चाट।
मैंने उन्हें उठाकर पेटीकोट और पैंटी उतार दी, अब वे बिल्कुल नंगी थीं। मैं उन्हें घूरता रह गया, इतने बड़े बूब्स, बड़ी गांड, बालों से भरी प्यासी चूत, क्या गजब लग रही थीं – एक्सोटिक बॉडी आर्ट।
मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ, मैंने बेड पर धक्का देकर दोनों पैर फैलाए और चूत चाटने लगा, दाना जीभ से सहलाने, काटने लगा। वे जोर से सिसकियां ले रही थीं, आह इह्ह ओह्ह ओह, आह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह्ह, चाट इसे आह्ह्ह ऑश अईईई, चूस हरामी कुत्ते, खा जा मेरी गांड और चूत को, कितने महीनों बाद ऐसा सुख मिला है, आज रात भर तेरा और तेरे लंड का दम देखूंगी – वाइल्ड स्क्रीम।
मैं और जोश में आकर चूत चाटने लगा, दोनों हाथों से बूब्स जोर से दबा रहा था। फिर चूत और गांड में उंगली करने लगा, वे चकित रह गईं और जोर से चीखने लगीं, उईईईई माँ मर गई, धीरे कर साले कुत्ते, उफ्फ्फ्फ़ मुझे बहुत दर्द हो रहा है – लेकिन वो दर्द में भी मजा।
करीब 15 मिनट उंगली और चाटने के बाद वे इस कदर झड़ीं कि चूत से गर्म-गर्म पानी की बौछार निकली – जैसे कोई एक्सोटिक फव्वारा। फिर मैंने लंड उनके मुंह में दे दिया, फिर पैर फैलाकर लंड चूत पर रगड़ने लगा।
वे बोलीं बस अब जान मत निकालो, चोद दो अपनी रांड को। मैंने जोर का झटका दिया, आधा लंड अंदर गया, वे चीख पड़ीं, ओहह्ह्ह माँ मार डाला कमीने, उफ्फ्फ्फ़ प्लीज धीरे कर, कितने महीनों बाद चुद रही हूं और तेरा लंड कितना तगड़ा है, मैं कहीं भागी नहीं जा रही।
मैं रुक गया, वे खुद नीचे से हिलने लगीं, मैं धीरे-धीरे धक्के देने लगा। करीब 30 मिनट चोदा, वे चिल्ला रही थीं, आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह, हाँ चोद मुझे हाँ और जोर से ऑश माँ हाँ ऐसे ही जोर से – अंटी चुदाई का पीक।
फिर मैंने एक और जोर का झटका दिया, पूरा लंड अंदर चला गया। वे बोलीं, आह हाँ सीईईईई उह्ह्ह्हह्ह् मेरी जान तुम बहुत अच्छे हो हाँ और जोर से चोदो मुझे और अंदर डाल दो आह्ह्ह्ह ऑश उफ्फ्फफ्फ्फ़ मर गई, वाह क्या मजा आ रहा है, अब हर रोज तू ही मुझे चोदेगा।
उनकी ऐसी आवाजों से मैंने स्पीड बढ़ा दी, जोर-जोर से धक्के देने लगा। अब मैं झड़ने वाला था, पूछा कहां निकालूं, वे बोलीं अंदर ही निकाल दो। मैंने स्पीड बढ़ाई, 15-20 झटकों बाद चूत के अंदर ही झड़ गया।
वाह क्या एहसास था, इतनी गर्मी के बाद ठंडा-ठंडा – एक्सोटिक क्लाइमेक्स। हमें चुदाई करते एक घंटा हो गया था, वे बोलीं मुझे इतना मजा आज तक नहीं आया, तुम बहुत अच्छे हो मेरे राजा, मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं। मैंने कहा हां मेरी रानी, मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूं। फिर हमने आराम किया और सो गए – वो रात यादगार।
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