देवर भाभी स्वैपिंग सेक्स स्टोरी: नई साल की रात पर जोड़ी बदलने का जुनूनी खेल (1,142 views)
दोस्तों, नमस्कार! अगर आप देवर भाभी स्वैपिंग सेक्स स्टोरी की तलाश में हैं, तो यह सच्ची जोड़ी बदलने की हिंदी सेक्स कहानी आपके लिए ही है। मैं प्रिया शर्मा, बाड़मेर के रेगिस्तानी धोरों से हूँ। उम्र महज 24 बसंत की, लेकिन जिंदगी ने मुझे वो रंग दिखाए हैं जो साहसिक उपन्यासों में भी दुर्लभ हैं। पिछले चार-पाँच साल से मैं अन्तर्वासना और हिंदी सेक्स स्टोरी साइट्स पर कहानियाँ पढ़ती आ रही हूँ, लेकिन ज्यादातर काल्पनिक लगती हैं – जैसे कोई सपना जो हवा में उड़ जाता है। इसलिए आज मैं अपनी सच्ची, जलती हुई याद लेकर हाजिर हूँ। यह देवर भाभी स्वैपिंग सेक्स स्टोरी 2026 के नए साल की है, जब हम दो जोड़ियों ने रेगिस्तान की ठंडी रात में आग लगा दी। यह फैमिली स्वैपिंग पोर्न स्टोरी का वो जुनूनी तांडव था, जहाँ सीमाएँ टूट गईं और सुख की लहरें अनंत हो गईं।

हमारे चारों की उत्तेजक दुनिया: देवरानी जेठ चुदाई की सच्ची कहानी की शुरुआत
देवर भाभी स्वैपिंग सेक्स स्टोरी में सबसे पहले, हमें जान लो – चारों की आग को। मैं प्रिया शर्मा: 34-इंच के उफनते स्तन, 28-इंच की पतली कमर, और 36-इंच की गोल-मटोल गांड। वजन 48 किलो – ऐसा बदन जो रेत के टीले की तरह लहराता है। मेरा पति राजेंद्र सिंह, 27 साल का जवान घोड़ा: 8-इंच लंबा, 3.5-इंच मोटा लंड, जो स्टेमिना से भरा है। वजन 70 किलो, मांसल छाती वाली। मेरा देवर विक्रम, 24 साल का जंगली शेर: 7.5-इंच का मूसला, 3-इंच मोटाई, वजन 78 किलो – मजबूत, पसीने से चमकता बदन। और देवरानी रिया, 21 साल की कोमल कली: 32-इंच के नन्हे-मुन्ने स्तन, 26-इंच कमर, 32-इंच की चुस्त गांड। शादी महज आठ महीने पुरानी, लेकिन वो आग जो जलने को बेताब थी।
देसी भाभी की चुदाई: भाई की शादी में गांव वाली रिया भाभी की गांड और चूत की चुदाई
मेरी शादी 2020 में हुई, विक्रम की तो जून 2022 में। शादी से पहले, जब राजेंद्र स्कूल में पढ़ाने जाता (वो सरकारी शिक्षक हैं), विक्रम घर पर लकड़ी का काम संभालता। तब हमारी आग भड़की – चुपके-चुपके चुदाई के वो पल, जब दीवारें गवाह बनीं। राजेंद्र को कानों-कान खबर न थी। विक्रम गुजरात जाता रहता, लेकिन घर लौटते ही हमारी लालसा फिर सुलग उठती। शादी के बाद, कमरे ऊपरी मंजिल पर सटे हुए – हमारा और उनका। रातें थप-थप की धुन पर नाचतीं। विक्रम रिया को रगड़ता, तो पलंग चर्र-चर्र चिल्लाता। हमारी चुदाई की गूंज उन्हें, उनकी हम तक। राजेंद्र का लंड तो गधे सा – फुल स्पीड, बिना रुके पेलता। मैं झेल लेती, लेकिन रिया? वो तो नन्ही परी थी।
भाभी देवर रियल स्वैपिंग एक्सपीरियंस: आग भड़काने की साजिश
विक्रम से मैं चुपके पूछती – "कितनी बार ठोका रिया को? कैसे चीखी वो?" वो हँसता, ब्यौरा देता: "तीसरा राउंड था भाभी, उसके बूब्स पर मेरा रस टपक रहा था।" सुनकर चूत गीली हो जाती। एक रात, विक्रम ने खिड़की से दिखाया – रिया नंगी, लेटी, विक्रम ऊपर। उसके स्तन चमकते वीर्य से, विक्रम फिर घुसा। मैंने देखा, जल उठी। मन में ख्याल: क्यों न चारों एक बिस्तर पर? नया लंड, नई चूत – देवर भाभी स्वैपिंग सेक्स स्टोरी का नशा! राजेंद्र गांड मांगता, मैं मना – दर्द से चीखी थी पहले। लेकिन रिया की गांड? सोचते ही उत्तेजना।
धीरे-धीरे साजिश रची। राजेंद्र को रिया के बूब्स-गांड के बखान से उकसाया। "देखो जी, कितनी टाइट है वो!" दिन में छूना शुरू – बहाने से। रिया शरमाती, लेकिन खुली। मैं रिया से बातें: "तेरा विक्रम कितना जोर लगाता?" वो हँसती, पूछती – "भैया का पलंग तो भूकंप लाता!" हम थप्पड़ मारतीं एक-दूसरे की गांड पर, हँसी-मजाक में आग भड़कती। विक्रम रिया को उकसाता: "नए साल पर ग्रुप सेक्स हिंदी ट्राई करें?" पहले मना, फिर हाँ। राजेंद्र मान गया – रिया का फिगर देख, मेरा विक्रम को सोच। मैंने राजेंद्र को छुपाया – विक्रम से पहले का राज। बोली, "रिया को मैंने मनाया, विक्रम को रिया ने।"
राजस्थानी सेक्स स्टोरी घोड़ी स्टाइल: नई साल की पूर्व संध्या पर तांडव
देवर भाभी स्वैपिंग सेक्स स्टोरी का क्लाइमैक्स 31 दिसंबर, रात 9 बजे, हमारा कमरा। मैं लाल साड़ी में, राजेंद्र जींस-शर्ट में। विक्रम आया, फिर रिया – गुलाबी घाघरा-चोली में, घूंघट ओढ़े, सुहागरात सी लग रही। राजस्थानी रीति: घूंघट अनिवार्य। दो पलंग सटा दिए। बातें हुईं – हँसी, शराब की चुस्कियाँ। विक्रम ने दरवाजा बंद किया – नीचे कोई न आए। ठंड में आग सुलग रही।
मैं विक्रम के पास सरकी, रिया को राजेंद्र के पास धकेला। रिया शरमाई, मुंह फेरा। राजेंद्र ने हाथ पकड़ा, खींचा बिस्तर पर। उसके बूब्स मसलने लगा – नरम, उछलते। मैं विक्रम से चिपकी, होंठ चूसे। विक्रम ने साड़ी खींची – ब्लाउज फाड़ा, पेटीकोट उतारा। ब्रा-पैंटी में मैं – चूत का रस टपक रहा। विक्रम की चड्डी में उभार – मूसला सा! ब्रा खोली, मेरे 34-इंच स्तन आजाद – वो मसलने लगा, निप्पल चूसे। किसों की बौछार। पैंटी उतारी, जीभ चूत पर – सिहरन दौड़ी। "भाभी, आज तू जल रही है!" बोला। मैंने चड्डी खींची, लंड मुंह में – गर्म, नमकीन। 69 पोजीशन में: मैं आंड चूसती, वो फांकें चाटता। मेरा रस पिया, अपना पेट पर उछाला – गर्म लावा!
दोस्त की बीवी के साथ रंगीन रात: एक कामुक कहानी
पास ही, राजेंद्र ने रिया को नंगा किया। उसके लंबे बाल खुले, कमर तक लहराते। रिया हाथों से चूत ढकी, लेकिन राजेंद्र ने खोला। 69 पोजीशन में: रिया लंड चूसती, राजेंद्र उसकी गांड चाटता। तकिया लगाया, थूक से लंड चिकना – धक्का! आधा अंदर, रिया चीखी – "आह्ह्ह... भैया, दर्द!" पूरा घुसा, बच्चेदानी टकराई। राजेंद्र पेला – थप-थप, चर्र-चर्र। रिया की चीखें: "मार डालोगे!" मैं देखती, जलती – विक्रम ने मेरा लंड सेट किया, एक झटके में घुसा। पुराना साथ, दर्द कम। वो पेला, मैं चीखी सुख से। 10 मिनट बाद, विक्रम बाहर – वीर्य बूब्स पर। राजेंद्र ने रिया को 15 मिनट पेला, वीर्य उसके मुंह-बालों पर उछाला। रिया हांफती, बदन कांपता – पहली बार इतना मोटा लंड!
इनसेस्ट स्वैप सेक्स नई साल 2026: राउंड्स की बौछार और घोड़ी स्टाइल का जादू
10 मिनट रुके, लंड फिर खड़े। पीछे से: चेहरे आमने-सामने। विक्रम मेरी गांड पर, राजेंद्र रिया की। थप्पड़ों की बौछार, चीखें मिश्रित। फिर, हम ऊपर – रिवर्स काउगर्ल। लंड पर उछलीं, गांडें हिलाईं – सवारी का नशा! थककर लेटीं। 11 बज गए – दो घंटे बीते, कभी न हुआ।
फिर राजस्थानी सेक्स स्टोरी घोड़ी स्टाइल: सर टकराते, आमने-सामने। विक्रम मेरी पीछे, राजेंद्र रिया की। 12 मिनट पेला – जन्नत! राजेंद्र ने रिया की गांड सोची। चूत से निकाला, थूक लगाया – धक्का! रिया चीखी, "नहीं... फट गई!" आंसू, रोई। लेकिन राजेंद्र रुका नहीं – गांड मारना फाड़ी, पेला। रिया बेहोश सी। विक्रम ने मेरी गांड मांगी, मना किया – "अभी नहीं!"
रात भर आग। थके, राजेंद्र रिया को साथ सुलाया – चल न पा रही। मैं विक्रम से चली, प्यार भरी बातें। 1 बजे सोए। सुबह 5, मैं लौटी – राजेंद्र रिया को पेल रहा: एक चूत, एक गांड। विक्रम जगा, घोड़ी बनाकर चोदा। रिया निढाल, लेटी। तीन दिन रिया लंगड़ी – गांड सूजी, चूत दर्द। पेनकिलर दिए।
अब की जिंदगी: फैमिली स्वैपिंग पोर्न स्टोरी का अनंत सुख
अब? मन हो तो विक्रम से चुदाई। राजेंद्र की गांड की भूख? रिया पर उतारता – बाथरूम, छत, किचन। रातें नंगी – कभी अलग, कभी चारों एक बिस्तर। विक्रम गुजरात गया, तो राजेंद्र हम दोनों को पेलता। रिया की चूत-गांड ढीली, लेकिन मजा दोगुना। अगला प्लान: हम दोनों एक साथ दो लंड – डबल पेनेट्रेशन। मैं गांड अभी बचा रही।
Views: 1,142