मामी सेक्स स्टोरी: मामा की क्रूरता से तंग मामी को प्यार भरी चुदाई का अनोखा राज़ (1,043 views)
फ्रेंड्स, अगर आप मामी सेक्स स्टोरी के शौकीन हैं, तो ये रसीली और भावुक कहानी आपके दिल और लंड दोनों को छू लेगी। ये मेरी ज़िंदगी का वो गुप्त अध्याय है, जहाँ प्यार ने क्रूरता को हरा दिया। मामी सेक्स स्टोरी में कभी-कभी दर्द और वासना का मेल ऐसा होता है कि चुदाई सिर्फ़ शारीरिक नहीं, बल्कि आत्मिक हो जाती है। मैं रोहन वर्मा हूँ, 22 साल का फिट और स्मार्ट लड़का, दिल्ली के एक प्राइवेट कॉलेज में पढ़ता हूँ। जिम की वजह से बॉडी टोन्ड है, और हाइट 5'10" – लड़कियाँ तो बस पट जाती हैं। लेकिन ये कहानी किसी रैंडम लड़की की नहीं, मेरी अपनी भोली-भाली मामी की है, जिन्हें मामा की बेरहमी ने तोड़ा था।
ये इंडियन लेडी सेक्स कहानी एक साल पहले की है, जब मामा की शादी हुई थी। मामी नेहा – उफ्फ, क्या कहें? 34-32-36 का फिगर, दूधिया रंग, लंबे काले बाल, और वो सादगी भरी मुस्कान जो किसी को भी दीवाना बना दे। शादी में उन्हें लाल जोड़े में देखा तो दिल धड़क गया। लेकिन शादी के बाद सब उलट गया। मामा का घर हमारे मोहल्ले में ही था, और रोज़ झगड़े सुनाई देते। मामा नशे में आकर मामी को गालियाँ देते, मारते – कभी थप्पड़, कभी चोट। मामी चुपचाप सहतीं, क्योंकि वो गाँव से आईं थीं, सीधी-सादी। मैं ये सब देखकर जलता था। 20 साल की उम्र में मुझे लगा, "क्यों न मैं मामी का सहारा बनूँ?
धीरे-धीरे मैंने प्लान बनाया। जब मामा जॉब पर जाते (वो ट्रक ड्राइवर थे), मैं मामी के घर चला जाता। पहले चाय पीता, फिर बातें – उनके दर्द सुनता। "मामी, मामा जी क्यों ऐसा करते हैं?" वो रो पड़तीं, "रोहन बेटा, घर चलाना है, क्या करूँ?" मैं उनका हाथ थामता, तसल्ली देता। धीरे-धीरे हमारी बातें गहरी हुईं। फोन पर रातें कटने लगीं। एक दिन मैंने हिम्मत की, "मामी, मैं आपको बहुत पसंद करता हूँ। आपकी सादगी, आपकी मुस्कान – सब कुछ।" वो नाराज़ हो गईं, "रोहन, ये गलत है! मैं तुम्हारी मामी हूँ।" लेकिन उनकी आँखों में वो चमक थी, जो झूठ न बोल सकती।
कुछ दिनों बाद फिर झगड़ा हुआ। मामा ने मामी को बुरी तरह पीटा – कंधे पर निशान पड़ गए। मैं दौड़ा गया। मामी दरवाजे पर रो रही थीं। मैंने उन्हें गले लगा लिया, "मामी, बस... अब सहन मत करो। मैं हूँ ना।" वो मेरी छाती से लगकर फूट-फूटकर रोईं। मैंने उन्हें चुप कराया, कंधे पर मलहम लगाया। फिर बोला, "मामी, मेरा प्यार सच्चा है। मामा जैसा कभी न बनूँगा।" इस बार वो चुप रहीं, फिर धीरे से बोलीं, "रोहन, मुझे भी तुमसे लगाव हो गया है। लेकिन डर लगता है – मामा को पता चला तो?" मैंने वादा किया, "कभी नहीं बताऊँगा। आप मेरी हो, हमेशा।"
बातें सेक्स पर आ गईं। मामी ने कबूल किया, "मामा तो बस जल्दबाज़ी में खत्म कर देते। मुझे कभी सुकून नहीं मिला।" मैंने पूछा, "मामी, क्या आप कभी असली प्यार महसूस करना चाहेंगी?" वो शरमाईं, लेकिन हाँ कह दिया। अब हमारी बातें हॉट हो गईं – कल्पनाएँ साझा करने लगे।
मामी सेक्स स्टोरी: लॉकडाउन में मामी की कड़ी चुदाई का जंगली राज़
एक दिन मामा बाहर गए। मामी का मैसेज: "रोहन, आ जाओ। चाय बना रही हूँ।" मैं पहुँचा। चाय पीते हुए हाथ थामा। मामी शरमाईं, लेकिन न हटाया। टीवी पर रोमांटिक मूवी चल रही – किसिंग सीन। मैं नज़दीक आया, उन्हें हग किया। "मामी, आप कितनी ख़ूबसूरत हो।" वो लजाईं, लेकिन गले लग गईं। मैंने गाल चूमा, फिर होंठ। वो लिप किस में खो गईं – जीभें लड़ रही, साँसें तेज़। मामी की बॉडी गर्म हो रही थी, ब्रेस्ट मेरे सीने से दब रहे।
मैंने उन्हें गोदी में उठाया, बेडरूम में ले गया। कपड़े उतारते हुए किस करता रहा। मामी का कुर्ता ऊपर – ब्रा में भरे-भरे बूब्स। ब्रा खोली तो गुलाबी निप्पल्स सख्त। मैंने चूसे, काटे – "आह रोहन... मीठा दर्द... चूसो ज़ोर से!" मामी सर हिलातीं, मेरे बाल खींच रही। मैंने सलवार उतारी – पैंटी गीली। जीभ से बॉडी चाटी – नाभि, जाँघें। पैंटी खींची तो चूत – साफ़-सुथरी, गुलाबी, रस टपक रही। मैंने चूत चाटी, जीभ अंदर। मामी चीखीं, "ओह्ह... रोहन... पहली बार... आह्ह... चाटो!"
मैंने लंड निकाला – 6 इंच, मोटा। मामी ने आनाकानी की, लेकिन चूस लिया। लार से चमकता लंड, गले तक। "मामी... कमाल कर रही हो!" फिर मामी बोलीं, "अंदर डालो... सह न पा रही!" मैंने टाँगें फैलाईं, लंड चूत पर रगड़ा। धक्का – आधा अंदर। मामी चिल्लाईं, "आह... दर्द... धीरे!" मैं रुका, किस किया। फिर पूरा घुसाया। अब मामी आहें भर रही, "चोदो रोहन... प्यार से!" मैंने धीरे-धीरे पेला, बूब्स मसले।
पोज़ बदला – डॉगी। पीछे से ठोका, गांड पर थप्पड़। मामी झूम रही, "हाँ... ज़ोर से... मामा कभी ऐसा न किया!" चूत की 'चपचप' आवाज़ें। मामी झड़ीं – पहली बार, चीखकर। मैंने स्पीड बढ़ाई, दूसरी बार झड़वाया। आखिरकार, मैं अंदर झड़ा – गर्म माल चूत भर दिया। हम हाँफते लेटे रहे। मामी बोलीं, "रोहन, ये प्यार है... असली।"
उस दिन के बाद हमारा राज़ गहरा गया। रोज़ चुदाई – कभी किचन में स्टैंडिंग, कभी बाथरूम में शावर तले। एक बार मामा जल्दी लौट आए, हम नंगे थे! मामी घबरा गईं, लेकिन मैंने दरवाजा लॉक कर लिया। वो डर में और गर्म हो गईं – क्विक डॉगी में चोदा, मुँह बंद करवाया। मामी बाद में हँसीं, "तुम्हारे साथ तो एडवेंचर है!"
लेकिन ट्विस्ट आया जब मामी प्रेग्नेंट हो गईं। टेस्ट पॉजिटिव। मामा को शक हुआ, लेकिन मैंने प्लान किया – मामी को शहर ले गया, नौकरी का बहाना बनाया। अब हम दिल्ली में साथ रहते हैं। चुदाई अब सॉफ्ट हो गई – बेबी बंप के साथ साइड पोज़, ब्रेस्ट मिल्क चूसना। मामी कहतीं, "रोहन, तुमने मुझे नई ज़िंदगी दी।" मामा को तलाक दे दिया, अब हम खुश हैं।ये मामी सेक्स स्टोरी सिर्फ़ चुदाई नहीं, प्यार की जीत है। अगर पसंद आई, कमेंट्स में बताओ – अगली हिंदी सेक्स कहानी कब?
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