22, Aug 2025
मामी की कामुक चुदाई: बारिश की बूंदों में जुनूनी रासलीला (1,827 views)
मैं, रोहन, 23 साल का एक जवान और मस्कुलर लड़का, आज मैं आप सभी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम के उत्साही पाठकों के लिए एक सुपर हॉट और एक्सोटिक हिंदी सेक्स स्टोरी लेकर आया हूँ। ये मेरी असली कामुक अनुभव पर आधारित गर्म सेक्स स्टोरी है, जो आपको रातों की नींद उड़ा देगी। गर्मियों की छुट्टियों में मैं अपने मामा के घर वाराणसी गया था। मामा का घर गंगा नदी के किनारे एक रसीले जंगल वाले इलाके में था, जहाँ चारों ओर हरी-भरी हरियाली, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट थी। मेरी मामी, स्नेहा, 34 साल की, एक ऐसी मादक हसीना थीं जिनकी विदेशी जैसी खूबसूरती और कामुक आकृति किसी को भी जुनूनी बना सकती थी। उनका दूधिया गोरा बदन, भरे-पूरे और उछाल मारते चूचे, पतली कमर, और मखमली गोल चूतड़ उनकी पारदर्शी साड़ी में किसी अप्सरा जैसी लगती थीं। मामी की मधुर हंसी, उनकी सम्मोहक आँखें और वो हल्की सी मुस्कान मुझे हर पल उत्तेजित कर देती थी। ये 18+ हिंदी कहानी उस तूफानी बारिश वाली शाम की है, जब मामी ने बारिश में भीगने के बाद मुझे अपनी गर्म बाहों में जकड़ लिया और मेरे तगड़े लंड को अपनी रसीली चूत का दीवाना बना दिया।
बारिश का एक्सोटिक माहौल
उस शाम आसमान में घने काले बादल घुमड़ रहे थे, और अचानक मूसलाधार बारिश बरस पड़ी। मामा अपने बिजनेस ट्रिप पर शहर गए थे और तीन दिन बाद लौटने वाले थे। मैं घर के खुले बरामदे में खड़ा होकर बारिश की ठंडी बूंदों का आनंद ले रहा था, जब मामी बाहर निकलीं। उन्होंने एक पतली सी लाल साड़ी पहनी थी, जो बारिश की बूंदों से तर होकर उनके कामुक शरीर से चिपक गई थी। उनकी भारी चूचियां और सख्त निप्पल्स साड़ी के आर-पार नजर आ रहे थे, जैसे कोई एक्सोटिक सपना हो। “रोहन, बारिश में भीग रहा है, अंदर आ जाओ,” मामी ने खिलखिलाते हुए कहा, लेकिन उनकी नजरें मेरे गीले मस्कुलर बदन पर ठहर गई थीं।
मैंने शरारती मुस्कान के साथ जवाब दिया, “मामी, आप भी तो बारिश की बूंदों में खिल रही हैं। आइए, इस एक्सोटिक माहौल का मजा लीजिए!” मामी ने कामुक अंदाज में आँख मारी और बोलीं, “अच्छा, तो तू मुझे गीला होते देखना चाहता है, बदमाश?” वो बरामदे में आ गईं और बारिश की बूंदों में नाचने लगीं। उनकी साड़ी उनके मखमली चूचों और गोल चूतड़ों से लिपट गई थी, और उनका गीला, चमकता बदन मुझे किसी जंगली अप्सरा जैसा लग रहा था। मैंने साहस जुटाकर कहा, “मामी, आप बारिश में किसी विदेशी मॉडल जैसी हॉट लग रही हैं।” मामी ने मेरी ओर देखा और फुसफुसाईं, “तुझे पता है, मैं जानती हूँ कि तू मुझे हर वक्त घूरता रहता है, मेरी चूचियां और चूत को ताड़ता है?”
कामुक जुनून की शुरुआत
मामी ने मुझे अपने करीब खींचा और मेरे गीले सीने पर हाथ फेरा। “रोहन, तू अब पूरा मर्द बन गया है, इतना तगड़ा और उत्तेजक,” उन्होंने गर्म सांसों के साथ कहा। उनकी ये बातें मेरे शरीर में आग की लहर दौड़ा गईं। मैंने हिम्मत से उनकी पतली कमर पर हाथ रखा और बोला, “मामी, आपकी कामुकता ऐसी है कि कोई भी मर्द आपके लिए पागल हो जाए। आपकी चूचियां और चूत किसी जादू की तरह हैं।” मामी की आँखों में जुनूनी चमक थी। उन्होंने मुझे घर के अंदर ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया।
घर में हम दोनों बारिश से तर-बतर थे। मामी ने अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दिया, और उनकी मखमली चूचियां गीली ब्लाउज में चमक रही थीं, जैसे कोई एक्सोटिक फल। “रोहन, मेरी चूचियों को सहलाओ, उन्हें महसूस करो,” मामी ने कामुक स्वर में कहा। मैंने उनके भारी चूचों को अपने मजबूत हाथों में लिया और धीरे-धीरे मसला। मामी कराह उठीं, “ओह… रोहन, और जोर से मसलो, उन्हें निचोड़ो!” मैंने उनकी ब्लाउज के हुक खोले और ब्रा उतार फेंकी। उनकी सख्त, गुलाबी निप्पल वाली चूचियां मेरे सामने थीं, मुझे आमंत्रित कर रही थीं।
मैंने एक निप्पल को अपने गर्म मुँह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। मामी की कामुक सिसकारियां कमरे में एक्सोटिक संगीत की तरह गूंजने लगीं। “रोहन, मेरी चूचियां चूसो… उन्हें लाल कर दो!” वो जुनूनी होकर बोलीं। मैंने एक चूची को चूसा और दूसरी को अपने हाथों से रगड़ा। मामी की सांसें तेज हो गईं, उनका बदन गर्मी से लावा जैसा तप रहा था। “रोहन, अब मेरी चूत को देखो… वो तेरे लिए तड़प रही है,” मामी ने कातर स्वर में कहा। मैंने उनकी साड़ी और पेटीकोट को खींचकर उतार दिया। उनकी रेशमी पैंटी में उनकी चिकनी, रसीली चूत झलक रही थी, जैसे कोई एक्सोटिक फूल।
मामी की रसीली चूत की आग
मैंने मामी की पैंटी उतारी, और उनकी गीली, सुगंधित चूत मेरे सामने खुल गई। मैंने अपनी उंगलियां उनकी चूत पर फेरनी शुरू कीं, और उनका मीठा रस मेरे हाथों पर फैल गया। “मामी, आपकी चूत बारिश से ज्यादा गर्म और गीली है, जैसे कोई ज्वालामुखी,” मैंने उत्तेजित होकर कहा। मामी ने मेरे बालों में उंगलियां फंसाईं और बोलीं, “रोहन, मेरी चूत को चाटो… अपनी जीभ से इसे पागल कर दो!” मैंने अपनी जीभ उनकी चूत के संवेदनशील दाने पर रखी और गहराई से चाटना शुरू किया। मामी चीख उठीं, “आह… रोहन, और गहराई में जाओ… मेरी चूत को स्वादिष्ट बना दो!”
मैंने उनकी चूत को चूस-चूसकर उनका एक्सोटिक रस पी लिया। मामी का शरीर हर चाट के साथ थरथरा रहा था, जैसे कोई कामुक नृत्य। “रोहन, अब अपना लंड डालो… मेरी चूत तेरे तगड़े लंड की भूखी है,” मामी ने चिल्लाते हुए कहा। मैंने अपनी गीली शर्ट और पैंट उतारी, और मेरा मोटा, लंबा लंड मामी के सामने तना हुआ था। मामी की आँखें लालच से चमक उठीं। “रोहन, तेरा लंड तो किसी जंगली जानवर जैसा है!” उन्होंने मेरे लंड को अपने नरम हाथों में लिया और इसके टोपे को अपनी गर्म जीभ से चाटा।

मामी की जीभ मेरे लंड की हर नस पर एक्सोटिक नृत्य कर रही थी। “मामी, आपका मुँह तो स्वर्ग की तरह है,” मैं कराहते हुए बोला। मामी ने मेरा लंड गले तक लिया और जोर-जोर से चूसने लगीं। मैं उनकी चूचियों को मसल रहा था, और उनकी सिसकारियां मेरे लंड को और कड़ा कर रही थीं। “रोहन, अब मेरी चूत में घुसाओ,” मामी ने जुनूनी होकर कहा। मैंने उन्हें बेड पर लिटाया और उनकी टांगें फैलाकर अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ा।

चुदाई की एक्सोटिक शुरुआत
मामी की चूत इतनी रसीली थी कि मेरा लंड आसानी से फिसल रहा था। मैंने एक शक्तिशाली धक्का मारा, और मेरा लंड उनकी चूत की गहराइयों में समा गया। “ओह… रोहन, तेरा लंड मेरी चूत को चीर रहा है, लेकिन कितना मजा!” मामी चीखीं। मैंने उनके मखमली चूतड़ पकड़े और जोरदार चुदाई शुरू कर दी। उनकी चूचियां हर धक्के के साथ एक्सोटिक तरीके से उछल रही थीं। मैंने फिर से उनकी चूचियों को चूसना शुरू किया, और मामी की कामुक सिसकारियां कमरे में तूफान ला रही थीं। “रोहन, मेरी चूचियां चूसते हुए चोदो… मुझे एक्सोटिक जन्नत में ले जाओ!”
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी, और उनकी चूत मेरे लंड को निचोड़ रही थी। कमरा हमारी जुनूनी सिसकारियों और बेड की कामुक आवाजों से भर गया था। मामी ने मेरे कंधों को नाखूनों से कुरेदा और चिल्लाईं, “रोहन, और तेज… मेरी चूत को रगड़कर लाल कर दो!” मैंने उनकी चूचियों को फिर से मुँह में लिया और निप्पल्स को काटते हुए चोदा। मामी का शरीर कांप रहा था, उनकी चूत मेरे लंड को एक्सोटिक तरीके से जकड़ रही थी।
गांड का एक्सोटिक जुनून
मैंने मामी को पलटाकर डॉगी स्टाइल में किया। उनकी गोल, मखमली चूतड़ मेरे सामने थे, जैसे कोई विदेशी मूर्ति। मैंने उस पर एक कामुक थपकी मारी। “मामी, आपकी गांड चोदने के लिए परफेक्ट है,” मैंने कहा। मामी ने एक्सोटिक मुस्कान के साथ जवाब दिया, “तो चोद ना, रोहन… मेरी गांड तेरे जंगली लंड के लिए तरस रही है!” मैंने अपनी उंगलियां उनकी चूत के रस से तर कीं और उनकी टाइट गांड में डालीं। मामी सिसक उठीं, लेकिन अपनी गांड को और पीछे धकेल दिया।
मैंने अपना लंड उनकी गांड के छेद पर रखा और धीरे-धीरे घुसाया। “आह… रोहन, तेरा लंड मेरी गांड को फैला रहा है, लेकिन ये दर्द कितना मीठा!” मामी चीखीं, उनकी आवाज में एक्सोटिक सुख था। मैंने स्पीड बढ़ाई, और मेरा लंड उनकी गांड में अंदर-बाहर होने लगा। उनकी चूत से रस बह रहा था, और चूतड़ मेरी जांघों से टकरा रहे थे। मैंने उनकी चूचियां पकड़ लीं और मसलते हुए गांड चोदी। “रोहन, मेरी चूचियां और गांड दोनों को रगड़ो… मुझे जुनूनी बना दो!” मामी चिल्लाईं।
चुदाई का एक्सोटिक चरमसुख
मैंने मामी को फिर से पलटाया और उनकी टांगें अपने कंधों पर रखीं। मेरा लंड उनकी चूत में फिर घुसा, और मैं उन्हें तूफानी स्पीड से चोदने लगा। उनकी चूचियां मेरे सामने एक्सोटिक तरीके से लहरा रही थीं, और मैंने निप्पल्स को चूसना शुरू किया। “रोहन, मेरी चूचियां चूसते हुए चोदो… मुझे स्वर्ग दिखाओ!” मामी की सिसकारियां जंगली हो गईं। मैंने पूरी ताकत लगा दी, उनकी चूत मेरे लंड को जकड़ रही थी।
“मामी, मैं झड़ने वाला हूँ!” मैंने कराहते हुए कहा। मामी ने अपनी चूत को और सिकोड़ा और बोलीं, “रोहन, मेरे अंदर झड़ो… मुझे तेरे गर्म रस की बौछार चाहिए!” मेरे धक्के अब एक्सोटिक तूफान जैसे हो गए। उनकी चूत और गांड दोनों मेरे लंड से रगड़ खा चुकी थीं। आखिरकार, मैंने एक अंतिम जोरदार धक्का मारा, और मेरा गर्म रस उनकी चूत में उंडेल दिया। मामी भी उसी पल झड़ गईं, उनका रस मेरे लंड पर बहने लगा।
हम दोनों थककर बेड पर गिर पड़े, हमारी देहें पसीने, बारिश की बूंदों और रस से चिपचिपी थीं। मामी ने मेरे होंठों पर एक कामुक चुंबन दिया और बोलीं, “रोहन, तूने मेरी चूचियां, चूत और गांड को एक्सोटिक जन्नत दिखा दी।” मैंने हंसकर कहा, “मामी, आपकी रसीली चूत और गांड मेरे लंड की हमेशा की गुलाम हैं।” हम हंस पड़े, और उस रात हमने तीन बार और जुनूनी चुदाई की, हर बार नई एक्सोटिक पोजिशन में।
नया कामुक रिश्ता
उस बारिश वाली शाम के बाद, मेरा और मामी का रिश्ता एक एक्सोटिक जुनून में बदल गया। जब भी मामा बाहर होते, मामी मेरे साथ होतीं, उनकी चूचियां और चूत मेरे लिए नशा बन गईं। एक बार मामी ने मुझे गंगा के किनारे बुलाया, जहाँ हमने नदी की लहरों के बीच चुदाई की। उनकी चीखें और मेरी सिसकारियां पानी की आवाज में घुल गईं। दूसरी बार हमने जंगल में, पेड़ों के नीचे बारिश में सेक्स किया, जहाँ मैंने उनकी चूचियों को चूसते हुए चूत और गांड को रगड़ा, और हवा में फूलों की महक ने सब कुछ और एक्सोटिक बना दिया।
मामी की चूचियां चूसना मेरी लत बन गई। उनकी चूत का मीठा रस मेरे लंड का पसंदीदा अमृत था। हमारा ये गुप्त, जुनूनी रिश्ता एक अनोखा राज बन गया। मामी की चूचियां, रसीली चूत और मखमली गांड मेरे लिए एक एक्सोटिक दुनिया थी, जहाँ मैं बार-बार डूबना चाहता था।
आखिरी एक्सोटिक मुलाकात
छुट्टियों के अंतिम दिन, जब मैं वापस मुंबई जाने वाला था, मामी ने मुझे रात में अपने कमरे में बुलाया। “रोहन, तू जा रहा है, लेकिन मेरी चूत तेरे लंड की याद में तड़पेगी,” उन्होंने कामुक स्वर में कहा। मैंने उनकी साड़ी उतारी और चूचियों को चूसना शुरू किया। उस रात हमने घंटों एक्सोटिक चुदाई की, हर पोजिशन में। मामी की चूत और गांड मेरे लंड से रगड़ खा रही थीं, उनकी सिसकारियां मेरे लिए एक कामुक मंत्र थीं।
अगली सुबह, सामान पैक करते वक्त मामी आईं और मेरे सीने पर हाथ रखकर बोलीं, “रोहन, अगली बार आना, मेरी चूत फिर तेरे लंड की एक्सोटिक गुलाम बनेगी।” मैंने मुस्कुराकर कहा, “मामी, आपकी चूचियां, चूत और गांड मेरे लिए हमेशा एक्सोटिक जन्नत रहेंगी।” उनकी आँखों में वही जुनून फिर जल उठा। मैं जल्द ही अपनी अगली हॉट हिंदी स्टोरी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिखूंगा। आप सभी रोजाना इस साइट पर आएं और हिंदी सेक्स स्टोरी का एक्सोटिक मजा लें।

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