22, Aug 2025
देसी आंटी सेक्स स्टोरी: अपनी मासूम मामी को प्यार की आग में सुलगाकर चोदा (854 views)
दोस्तों, उम्मीद करता हूं कि आप सभी स्वस्थ और खुश होंगे।
मेरा नाम आर्यन कपूर है। मेरी लंबाई 5 फुट 10 इंच है, और मैं मुंबई में एक फिटनेस सेंटर में रेगुलर ट्रेनिंग करता हूं, जिससे मेरा शरीर एकदम आकर्षक और मजबूत है। लड़कियों को बताता चलूं कि मेरा लंड औसत भारतीय साइज का है – न ज्यादा मोटा, न ज्यादा लंबा, लेकिन प्यार भरी चुदाई में वो कमाल कर जाता है।
दिखने में मैं काफी डैशिंग हूं, और मेरी मुस्कान से कोई भी लड़की आसानी से इंप्रेस हो जाती है। अब तक का मेरा अनुभव यही रहा है कि किसी ने मुझे रिजेक्ट नहीं किया। मैं एडल्ट स्टोरीज का शौकीन हूं, और मेरी पहली कहानी थी: "पड़ोसन की हॉट बीवी की रात भर की ठुकाई"। ये मेरी दूसरी इरोटिक स्टोरी है, जो मैं आपके साथ शेयर कर रहा हूं। उम्मीद है कि ये भारतीय आंटी सेक्स स्टोरी आपको मदहोश कर देगी और आपकी रातें गर्म बना देगी।
कहानी शुरू करने से पहले अपनी मामी के बारे में बताता हूं। वो एक देसी गॉडेस हैं – उनका फिगर 36-28-40 का परफेक्ट है, स्किन मिल्की व्हाइट, और आंखें ऐसी कि डूब जाओ। कोई भी उन्हें देखे तो उसका दिल धड़क उठे, और वो घर जाकर उनकी याद में मुठ मारने को मजबूर हो जाए। उनकी सादगी में एक जादू है, जो उन्हें और भी सेक्सी बनाती है। ये हॉट इंडियन सेक्स स्टोरी करीब डेढ़ साल पुरानी है, जब मेरे मामा की शादी हुई थी। मैं तब सब कुछ समझने लायक बड़ा हो चुका था। शादी में मामी को देखा तो वो साड़ी में इतनी हॉट लग रही थीं कि मेरी नजरें उनसे हट ही नहीं रही थीं। उनकी मासूम मुस्कान और देसी ब्यूटी ने मुझे दीवाना बना दिया।

मामी की बहन की चुदाई: बाथरूम सेक्स कहानी
मामा का घर हमारे मोहल्ले में ही था, तो शादी के बाद सब कुछ नॉर्मल हो गया। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, मामा-मामी के बीच झगड़े बढ़ने लगे। मामा हमेशा गुस्से में रहते, मामी पर चिल्लाते, और कभी-कभी हाथ भी उठा देते। मामी इतनी सीधी-सादी थीं कि चुपचाप सब सहती रहतीं। ये सब देखकर मुझे मामी पर बहुत दया आती, और मामा से नफरत होती। लेकिन मैं कुछ कर नहीं पाता। फिर मैंने सोचा, क्यों न मामी से क्लोज हो जाऊं। जब मामा ऑफिस जाते, मैं उनके घर जाता और बातें करता। धीरे-धीरे हम दोस्त बन गए, और वो अपना दर्द मेरे साथ शेयर करने लगीं। बातों-बातों में वो रो पड़तीं, और मैं उन्हें संभालता।
धीरे-धीरे मुझे मामी से गहरा प्यार हो गया, और लगता है उन्हें भी मुझसे। एक दिन मैंने पूछा, "आप ये सब कैसे बर्दाश्त कर लेती हैं?" वो बोलीं, "क्या करूं, मजबूरी है।" मैंने कहा, "अगर आप विरोध करेंगी, तो मैं आपके साथ हूं। मैं आपको बहुत चाहता हूं, प्यार करता हूं।" ये सुनकर वो गुस्सा हो गईं और बोलीं, "तुम्हें शर्म नहीं आती? मैं तुम्हें दोस्त समझती थी, लेकिन तुम... आज से बात मत करना।"
मैं चुपचाप चला आया। कुछ दिन बाद फिर मामा ने मामी को बुरी तरह पीटा। दो दिन बाद मैं गया, तो मामी मेरे गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगीं। मैंने उन्हें चुप कराया, समझाया। फिर मौका देखकर बोला, "मैं आपको सच में प्यार करता हूं, लेकिन आप मुझे इग्नोर करती हैं।" वो थोड़ी देर खामोश रहीं, फिर बोलीं, "मैं भी तुम्हें पसंद करती हूं, लेकिन तेरे मामा से डर लगता है। अगर पता चला तो घर से निकाल देंगे, और मायके में क्या मुंह दिखाऊंगी?"
मैंने कहा, "कुछ नहीं होगा। मैं आपका हमेशा साथ दूंगा, कभी धोखा नहीं दूंगा।" वो चुप हो गईं। उसके बाद हम फोन पर बातें करने लगे। बातों से पता चला कि मामा सेक्स में ठीक से परफॉर्म नहीं कर पाते। जब मैंने डिटेल में पूछा, तो वो बोलीं, "वक्त आने पर सब पता चलेगा।" एक दिन मैंने कहा, "मुझे आपसे अकेले मिलना है। जब घर खाली हो, बता देना।" वो बोलीं, "ओके।" अगले दिन मामा गए, तो मैसेज आया, "आ जा, चाय बना रही हूं।"
मैं गया, चाय पी, बातें की। बातों में उनका हाथ पकड़ा, वो कुछ न बोलीं। फिर टीवी ऑन किया, जहां एक सिजलिंग किसिंग सीन आ रहा था। मैं उनकी ओर देखा, वो शर्मा गईं। मैं पास आया, उन्हें हग किया, और प्यार करने लगा। वो भी रिस्पॉन्ड करने लगीं – उनकी सांसें तेज, शरीर गर्म।
मैंने उन्हें गोद में उठाया, बेडरूम ले गया। हम पागलों की तरह किस करने लगे। उनके होंठों को चूसते हुए मैं उनके बड़े-बड़े बूब्स दबाने लगा। वो आहें भरने लगीं, "आह... और जोर से..." मैंने उनका ब्लाउज उतारा, ब्रा खोली, और उनके निप्पल्स को चूसा। उनका दूध जैसा सफेद बदन मुझे पागल कर रहा था।

मामी सेक्स स्टोरी: विधवा मामी की चुदाई की प्यासी रातें
वो मेरे कपड़े उतारने लगीं। मैंने उनकी साड़ी खींची, पेटीकोट उतारा, और अब वो सिर्फ पैंटी में थीं। मैंने उनके पूरे शरीर को चाटा – गर्दन से लेकर पैरों तक, सब गीला कर दिया। पैंटी उतारी, उनकी गुलाबी चूत को किस किया। वो मेरे सिर को दबाने लगीं, "ओह... चाटो और..."
फिर मैंने अपना लंड उनके मुंह में दिया। पहले शर्माईं, फिर चूसने लगीं – जैसे कोई पॉर्नस्टार। मजा आ रहा था अनकहा। वो बोलीं, "अब डालो ना, सहन नहीं हो रहा।" मैंने उनकी टांगें फैलाईं, लंड सेट किया, और धक्का मारा। आधा अंदर गया, वो चीखीं, "आह... मर गई... दर्द हो रहा है!"
मैं रुका, उन्हें किस किया। थोड़ी देर बाद पूरा लंड अंदर, और अब धीरे-धीरे चोदने लगा। वो आहें भर रही थीं, "आह... फक मी हार्ड..." फिर डॉगी स्टाइल में पीछे से पेला – उनके हिप्स पकड़कर जोरदार ठोकाई। वो तीन बार झड़ीं, मैं भी झड़ गया। आराम किया, चाय पी। फिर दोबारा गर्म किया, और राउंड टू – इस बार और वाइल्ड, बेड शेक कर रहा था। वो बोलीं, "धोखा मत देना।" मैंने कहा, "कभी नहीं, लाइफटाइम प्यार।"
उसके बाद हम रोज चुदाई करने लगे – कभी किचन में, कभी बाथरूम में। ये देसी मामी की चुदाई स्टोरी अब भी जारी है, और हर बार ज्यादा एक्सोटिक होती जाती है।
दोस्तों, अगर ये भारतीय आंटी सेक्स स्टोरी पसंद आई, तो कमेंट करें। और हां, रियल लाइफ में रिस्पेक्ट रखें!

Views: 854

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *